वर्तमान समय मे बहुत लोग मानसिक तनाव मे जीते है। मानसिक तनाव मे लोग ज्यादा समय उदासी में रहते है व्यक्ति मे नकारात्मक भावना भर जाती है उसमे उत्साह की कमी हो जाती है, जीवन मे अपने आप को हारा हुआ महसूस करना। जिस कारण दुनिया से कटने लगता है और वो एकांत मे रहने लगता है। मानसिक तनाव मे नींद नही आती, सुख चैन सब खत्म हो जाती है।
मनुष्य अपने हर सुख, दुःख, अमीरी, गरीबी और बीमारी भी दूसरो से तुलना करता है यही है मानसिक तनाव को अपनी और आकर्षित करता है। आजकल बच्चो को भी मानसिक तनाव हो रहा है। जिसका कारण है हम, हम ही बच्चो को दुसरो से तुलना करना सिखा रहे है। उनपर दबाव डाल रहे है कि अच्छे मार्क्स ले कर आओ। बच्चो की मानसिक तनाव का कारण हम है, इसी तरह तरह हमारी मानसिक तनाव का कारण वो है जो हम से तुलना करवाते है हम पर दबाव डालते है। तो हमने देखा कि मानसिक तनाव का मुख्य कारण है तुलना , दबाव और दिखावा।
अगर मानसिक तनाव की बात करे तो हमारे सैनिकों पर कितना तनाव होता है, हर समय मरने मारने का तनाव, और उनके सगे संबंधी भी उनसे दूर रहते है और दूसरी तरफ हम छोटी छोटी बात पर तनाव लेते है। जिससे हमे गंभीर बीमारियां हो जाती है। ये कितनी मूर्खता पूर्ण बात है कि पहले हम पैसे कमाने के लिए तनाव लेते है और बाद मे तनाव संबंधी बीमारियों पर उन पैसों को खर्च करते है।
आइये अब हम मानसिक तनाव से मुक्ति के तरीके को देखते है-
मेडिटेशन - सुबह जितना हो सके जल्दी उठने की कोशिश कीजिये। नित्य क्रिया से निर्वत होने के बाद सूर्य के प्रकाश की तरफ चेहरा कर आँखे बंद कर ध्यान लगाइये, ओम का जाप कीजिये। सुरुवात मे थोड़ी तकलीफ होगी, लेकिन बाद अभ्यास हो जायेगा। जब हम आँखे बंद कर ध्यान लगाएंगे तब तनाव के कारण आपके मस्तिष्क मे आयेंगे और धीरे धीरे खत्म हो जायेंगे। ये सब कुछ एक दिन मे नही होगा लेकिन एक दिन जरूर होगा।
व्यस्त रहे - अपना खाली समय दूसरे कार्य मे लगाए कुछ भी करे राइटिंग, रीडिंग, डांसिंग, फूडीग जो कुछ मन करे। मानसिक तनाव से मुक्ति पाने के लिए मैंने रीडिंग को चुना था मैंने कई पुस्तके पढ़ी और आज मैं अपना ज्ञान और अनुभव आपसे शेयर कर रहा हू।
दिखावा - दिखावा करने से बचे, सिर्फ जरूरी खर्च करे। कर्ज लेकर शौक करने से बचे। वित्तीय तनाव से मुक्ति के लिए मेरा ब्लॉग वित्तीय तनाव से मुक्ति वाला ब्लॉग पढ़े।
डर - हम हर समय डरते है, गाड़ी चलाते समय, खाते समय, लोगो से बात करते समय और यहाँ तक कि सोते समय भी। किसी चीज से डरिये नही बस अपना कर्म करिये। गीता मे भगवान श्री कृष्ण ने कहा है कि कर्म करो फल की चिंता न करो क्योकि फल किसी और पर निर्भर है।
अपेक्षा- हम अपने जीवन मे दूसरों से बहुत सी अपेक्षाएं रखते हैं जैसे माँ मुझे अच्छा खाना दे, पत्नी मुझे प्यार और सम्मान दे समाज मे मुझे इज्जत मिले मेरा रुतबा हों। लेकिन इसके लिए हमे इसी अनुसार कर्म भी तो करने पड़ेंगे । एक नियम है हम जो देते है वही हमे मिलता है। अंत मे वही बात जो बात दूसरो पर निर्भर करे उस पर मानसिक तनाव लेना मूर्खता है।
खानपान - अच्छा खानपान भी हमारे तनाव को कम करने मे महत्व पूर्ण भूमिका निभाता है। ये बात आपको थोड़ी अजीब लग रही होगी लेकिन ये सत्य है। जैसे मान लीजिये आप बहुत ज्यादा जंक फूड या फास्ट फूड खाते है जिससे आपको कई तरह बिमारियाँ और तनाव होते है। सादा भोजन हमे कई तरह की बीमारियों और तनाव से मुक्ति देता है।

