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सफल जीवन के आचरण



वर्तमान में हमारा दैनिक जीवन बहुत तनाव से गुजरता है। हम अपनी दैनिक आदतों मे परिवर्तन कर अपने जीवन को सफल बना सकते है। आदतो मे सुधार के लिए हमे अपने दैनिक जीवन के हर कार्य को इंवेस्टर माइंडसेट् की तरह सोचना होगा, जैसे खाने मे हम ऐसा खाएं जो आपके शरीर को फायदा दे। इसी तरह जीवन मे उन्नति के लिए किताब पढ़ना, ज्यादा शरीरिक कार्य ये सब कार्य इंवेस्टर माइंडसेट् है। 

परिवर्तन की तैयारी - बड़ी से बड़ी ज्ञान की बातें व्यर्थ हो जाती हैं जब तक उस पर अमल ना किया जाए क्योंकि अमल तो आप को ही करना है। अपनी आदतो को परिवर्तित कीजिये। कोई आईडिया तब तक काम नही करता जब तक आप उस आईडिया पर काम नहीं करते। 

आदत स्थापित करने के चरण - हर आदत बनने मे 66 दिन लगते है।  इसके तीन चरण है, हर चरण मे 22 दिन लगते है। ये चरण निम्नलिखित हैं -

1. बिगाड़ना - पहले 22 दिन आपको पुरानी आदत को बिगाड़ने मे लगते है। ये चरण सबसे कठिन होता है कई बार इच्छा होती है कि पुरानी आदत को न बदले। 

2. बनाना - अगले 22 दिन आपको नई आदत बनाने मे लगते है। इस समय कई बार नई आदत को छोड़ने का मन होता है। 

3. बनाये रखना - अंतिम 22 दिन आपको नई आदत को बनाये रखने मे लगते है। ये समय अपेक्षाकृत आसान होता है। 

66 दिन बाद आदत को करने के लिए सोचना भी नही पड़ता। वह आदत अपने आप होने लगती है।

सुधार - हर दिन जरूरी है। हर दिन किया गया सुधार आपके जीवन को सफल बनाता है। दिन मे अगर 1% सुधार करेंगे तो आप महीने मे 20% सुधर जाएंगे। 

सफलता के दस आदते - ये दस आदते आपको जीवन मे सफल बना सकती है। 

1. मानसिक फोकस, शरीरिक ऊर्जा, व्यक्तिगत इच्छा शक्ति, मूल प्रतिभा, दैनिक समय - आप हर निर्धारित अवधि मे एकांत मे रहे। ध्यान भंग करने वाले चीजो जैसे tv, सोशल मिडिया से दूर रहे। 

2. 90-90-1 नियम - अगले 90 दिनों मे  हर दिन के 90 मिनट का समय दे एक ऐसे काम को दे। जिस समय आपका ध्यान भंग करने वाली कोई भी चीज आपके पास न हो। 

3. 60-10 नियम - अपने लिए 60 मिनट का ऐसा समय निकाले जिसमे आप अपनी बेहतरी के लिए कोई ऐसा काम करे जिससे आप आंतरिक संतुष्टि मिले। पूरे एक घंटे का ध्यान लगाए इसके बाद 10 मिनट आपकी समान्य अवस्था मे लौटने के लिए है। 10 मिनट मे आप सैर कर सकते है, किताब पढ़ सकते है। 

4. छोटे लक्ष्य - अगले दिन पूरा करने वाले 5 छोटे लक्ष्यों को सूचीबद्ध  करे। 

5. व्यायाम - कार्य दिवस के अंत मे व्यायाम करे।

6.  मालिश करवाये - सप्ताह मे दो बार 90 मिनट मालिश करवाये। 

7. सफर को सफल बनाये - सफर के दौरान लगने वाले समय को उपयोगी बनाये। उस दौरान ऑडियो बुक सुने, YouTube मे ज्ञान वर्धक जनकारी देखे। 

8. ड्रीम टीम - जो लोग अपनी सर्विस से आपके जीवन को सुगम बनाते है उनकी ड्रीम टीम बनाइये। जैसे डॉक्टर, वक़ील, एलेक्ट्रिसियन, हेल्पर इत्यादि की एक टीम बनाये। 

9. उपयोगी रविवार - अपने रविवार या छुट्टी के दिन को उपयोगी बनाये। अगले सप्ताह की कार्य सूची बनाये,  पिछले सप्ताह के कार्य सूची का मूल्यांकन करे। 

10. 60 मिनट के विधार्थी - हर दिन 60 मिनट के विधार्थी बने। इन 60 मिनट मे कुछ न कुछ सीखे। अक्सर उमर गुजरने के बाद सीखने की इच्छा कम होने लगती है। अपनी सीखने की इच्छा को दबाइये नही सीखने की ललक पैदा कीजिये। 

आईये 5 AM क्लब मे आपका स्वागत है। 












जॉब के आचरण - जॉब को लेकर हम बहुत परेशान रहते है कई लोग अपने जॉब के काम के बोझ को लेकर अपने घर वालो को भी मानसिक रूप परेशान करते है। जॉब के तनाव से मुक्ति पाने के उपाय पर विचार करते है। 

आप अपनी जॉब को खेल मानिये। जब आप अपनी जॉब को खेल मानेंगे तब आपको जॉब करने मे मजा आने लगेगा। उसके बाद आप मन लगाकर काम करेंगे।

जॉब के दौरान आने वाली समस्या को लेकर अपने बॉस से बात कर उसे दूर कीजिये। ऑफिस की राजनीति से दूर रहिए और अपने काम से काम रखिये। किसी भी काम करने से पहले उस काम को बार-बार सोचे जिससे आपका दिमाग उस काम करने के लिए अभ्यस्त जायेगा।

अक्सर हम ज्यादा परिश्रम करते है लेकिन हमे उतना परिणाम् नही मिलता है इसका कारण है डिस्ट्रक्शन। फोकस बनाने में 30 मिनट का समय लगता है लेकिन डिस्ट्रक्शन आपको फोकस से दूर कर देता है अतः हमें कोशिश करनी चाहिए कि काम के समय डिस्ट्रक्शन करने वाली चीजों से दूर रहें। जैसे मोबाइल नोटिफिकेशन, टीवी , दोस्त आदि इन से दूर रहे। इसके लिए आप
- मोबाइल की सेटिंग में जाकर सभी नोटिफिकेशन को म्यूट कर दें। 
- यूट्यूब के फालतू चैनल को अनसब्सक्राइब कर दें। 
- टीवी पर सास बहू और फालतू के धारावाहिकों को ना देखें। 
- अपने फ्रेंड सर्कल को छोटा रखें और उन पर ज्यादा समय व्यस्त ना रहे। 
- अगर किसी पार्टी में जाना फॉर्मालिटी है तो वहां पर जाने से बचें। 
अगर यह सब आप ने कर लिया तो आपके पास काफी समय होगा। आपको प्रोडक्टिव रहना है ना की बिजी।

ब्लेम  गेम ना खेलें काम को अनुशासन में करें।  अपने सफल काम का क्रेडिट दूसरों को दें और फेल हो जाए तो खुद पर जिम्मेदारी लें। अपने काम को मास्टर पीस कि तरह करें। इस तरह हम अपनी योग्यता बढ़ा कर अपने समय की कीमत बढ़ा सकते है। 

टाइम मैनेजमेंट- वैसे टाइम कभी मैसेज नहीं होता केवल एक्टिविटी मैनेज की जाती है हम चार तरह की एक्टिविटी दिन भर में करते हैं।  
1. ना ही इम्पोर्टेंट ना ही अर्जेंट - हमारे समय  का लगभग 80% भाग इन कामों में लगता है जैसे टीवी देखना, मोबाइल देखना, गपशप करना इत्यादि। 
2. इम्पोर्टेंट नहीं लेकिन अर्जेंट - ऐसे काम हमारे समय का मुश्किल से 5% भाग ही खर्च करते हैं लेकिन ये अन्य कामों मे बहुत  डिस्ट्रेशंन करते है। जैसे अचानक फोन आ जाना है। 
3. इम्पोर्टेंट लेकिन अर्जेंट नहीं - जैसे मान लीजिए कि आपका यूपीएससी का एग्जाम दो महीने बाद है और आप उसकी तैयारी करनी है काम तो महत्वपूर्ण है लेकिन अर्जेंट नहीं है  आप ऐसे काम एक दिन बाद भी करे तो भी कोई दिक्कत नहीं होगी।  
4. इम्पोर्टेंट भी और अर्जेंट भी - जैसे मान लीजिए कि आपका यूपीएससी का एग्जाम 2 दिन बाद है तो उसकी तैयारी आपके लिए महत्वपूर्ण भी है और अर्जेंट भी। 

टाइम मैनेजमेंट करने के लिए हमें पहले केटेगरी जो कि ना तो इंपॉर्टेंट है ना ही अर्जेंट  उससे अपना फोकस हटाकर तीन नंबर के केटेगरी पर फोकस करना है जो कि महत्वपूर्ण तो है लेकिन अर्जेंट नहीं है। हम जितना उस पर फोकस करेंगे उतना ही जीवन मे सक्सेस होंगे। 

अपने 30 दिन का प्लान पहले बना लीजिये इसके लिए आप डायरी का उपयोग कर पूरे महीने का प्लान लिखें कि किस दिन को कौन सा काम करना है इससे आपके पूरे महीने का काम आपके सामने होगा तब आपको काम करने में बहुत आसानी होगी।  

इसके बाद अपने डेली काम का शेड्यूल प्लान करें और उसको व्यवस्थित करें। अगर आप अपने दिन के कामों का शेड्यूल बनाते हैं तो आप देखेंगे कि आप के 4 घंटे का काम 1 घंटे में ही निपट जाएगा यानी 25% समय में आप पूरा काम कर पाएंगे।  शेड्यूल बनाते समय 90 मिनट का टाइम ब्लॉक बनाइये और एक ब्लॉक मे एक तरह का काम कीजिये। सबसे जरूरी काम सबसे पहले ब्लॉक मे कीजिये। उसके बाद के ब्लॉक मे उससेे कम जरूरी काम। एक ब्लॉक के बाद कुछ समय का ब्रेक लीजिये।  

अपने काम को तय समय से आधे समय मे पूरा करने की कोशिश कीजिये। जब हम कम समय देते है तब आप अपना पूरा फोकस उस काम पर लगाते है और आप जिस चीज पर भी अपना फोकस करते हैं वह बढ़ जाती है। आप देखेंगे कि ऐसा करने से आपकी काम करने की गति बढ़ जायेगी और आपके पास काफी समय बच जायेगा। मल्टी टास्किंग ना करें और एक काम को पूरी एकाग्रता से करे

काम मैनेजमेंट -  हमारे पास बहुत सारे काम होते हैं लेकिन महत्वपूर्ण कार्य अन्य कार्य को वजह से छूट जाते हैं। अतः हमें अपने कामों को ठीक से मैनेज करने के लिए निम्नलिखित तरीके अपनाने चाहिए -
- अपने कामों की एक लिस्ट बनाइए
- अपने काम को टाइम मैनेजमेंट की की कैटेगरी के अनुसार  कैटिगराइज कीजिए।  
- इम्पोर्टेंट और अर्जेंट कामों की रैंकिंग करिए। 
- उसमें से जो काम दूसरों को देने लायक हैं उनको दूसरों को दे दीजिए।  
- बाकी काम खुद करिए कोशिश करिए कि एक समय में एक ही काम करें। 
- सबसे कठिन काम को सबसे पहले निपटाइए। 

1. लोगो को काम सौपें - अगर आपको लगता है कि आपका काम कोई दूसरा आप से कम कीमत में कर सकता है तो वह काम आप दूसरों से ही कराए आप सिर्फ वही काम कीजिए जो आपके सिवा कोई और नहीं कर सकता या जो बहुत महत्वपूर्ण है। हमेशा यह प्रश्न पूछिए यह काम मेरे बिना कैसे हो सकता है और जब आपको इस प्रश्न का कोई जवाब मिल जाए तब उस काम को दूसरे व्यक्ति सौंप दीजिये। 

2. ना कहना सीखें - आप फालतू के कामों को मना कर दे और सिर्फ महत्वपूर्ण कार्य करें। इससे आपका काफी समय बचेगा और आप महत्वपूर्ण कामों को अपना समय दे पाएंगे। 

सीखने की आदत - रोज करीब 1 घंटे किताबो को दीजिये, किताबो की स्टडी कीजिये। जिससे आप रोज कुछ नया सीख सके। पढ़ने के लिए आपको अपने स्कूल की किताबों या रोमांटिक नोवेल को नहीं पढ़ना है बल्कि अच्छे लेखकों द्वारा लिखी जीवनी और पर्सनल मास्टरी की किताबों को पढ़ना है इससे आप कुछ ना कुछ नया सीखेंगे। जब आप कुछ सीख रहे तो ऐसे सीखिये जैसे आप दुसरो को सिखाने के लिए सीख रहे है अर्थात उस बिषय मे मास्टरी प्राप्त कर ले।