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IKIGAI

IKIGAI

जीवन में खुश रहने के लिए जरूरी है कुछ ना कुछ करते रहना। थोड़ा प्यार करना है और कुछ उम्मीद करना। हम मे से कौन होगा जो लंबा सुखी और स्वस्थ जीवन जीने की कल्पना नहीं करता, एक अच्छा जीवन साथी नहीं चाहता, दुख और बीमारी से बचाव नहीं चाहता हम सब अपना पूरा जीवन सुख और समृद्धि की चाह में बिता देते हैं। आज हम एक अनूठी हो दुनिया भर में लोकप्रिय किताब के नोट्स को देखेंगे  इस किताब ने  लोगों पर सकारात्मक प्रभाव छोड़ा है उस किताब का नाम है  IKIGAI. किताब के लेखक हैं  हेक्टर ग्रासिया और  फ्रांसिस मिरेलिस। 

IKIGAI  एक जापानी शब्द है जिसका अर्थ है  जीवन में सार्थक होना। 

जापान के ओकी नावा द्वीप को दुनिया के सबसे ज्यादा आयु वाले लोगों का द्वीप भी कहा जाता है। यह पुस्तक इसी द्वीप पर रहने वाले लोगों  पर आधारित है। 


 इस पुस्तक का ज्ञान है सक्रिय रहे, सेवानिवृत्त ना हो, हर काम धीमी गति से करें, अपना पेट पूरी तरह ना भरे, अपने आप को अच्छे दोस्तों के बीच रखें, अपने अगले जन्म दिन तक स्वस्थ रहने का संकल्प ले, खुल के मुस्कुराए, प्रकृति के साथ फिर से जुड़े, कृतज्ञ बने और वर्तमान में जीये। 


बढ़ती उम्र में भी युवा

जापान के लोग रिटायरमेंट शब्द को नही मानते है और बुढ़ापे मे भी सारा समय सक्रिय और व्यस्त रहते है। जापानी लोग सुबह जल्दी उठते हैं। उतना ही खाना खाते जिससे उनका पेट 80 पर्सेंट तक भरे, खाना खाने के बाद मीठा खाना, फलों का रस पीना आदि को नही करते है साथ ही पैदल चलना और रोज व्यायाम करना उनकी आदत है। 


अपनी उम्र से कम दिखने का राज 

लंबे समय तक जवान रहने के लिए आपके मन का खुला रहना  बहुत जरूरी है। नई-नई विद्याएँ सीखना और बदलाव को स्वीकार करना बहुत जरूरी है। सामाजिक बने, अकेले रहने से निराशा आती है। ज्यादा तनाव लेने से बचें और पूरी नींद ले। 

जीवन जीने का उद्देश्य 

जीवन बहुमूल्य है और हमें इन पलों को बेकार नहीं गवाना है। अपने जीवन का उद्देश्य अर्थात IKIGAI ढूंढ कर उसे पूरा करने पर लग जाएं। ऐसा कौन सा काम है जिसको करने के लिए आपका पूरा मन लगा कर, आप बाहरी दुनिया को भूल जाते हैं उस काम को करने लग जाते हैं यही है आपका जीवन जीने का उद्देश्य। 

प्रवाह की खोज 

खुश वह लोग नहीं हैं जो बहुत कुछ हासिल करते हैं बल्कि वह लोग हैं जो प्रवाह में लगे रहते हैं।  मल्टी टास्किंग ना करें  काम को एकाग्रता से करें। जीवन मे प्रवाह पाने के निम्नलिखित चरण है-

क्या करना है 

कैसे करना है

इस कार्य को कितने अच्छे तरीके से कर सकते हैं। 

अगर कार्य में दिशा महत्वपूर्ण हैं तो कहां जाना है, 

सामने कौन सी चुनौतियां हैं

कौन सी कुशलताओं की जरूरत है 

और अंत मे मन को विचलित ना होने देना।


मोबाइल फोन से कैसे दूर रहे 

एक स्वीडिश सर्वे के अनुसार मोबाइल फोन का ज्यादा इस्तेमाल करने से 20 से 24 वर्ष के आयु वर्ग के लोगो को नींद न आने की बीमारी हो गयी है। इसीलिए मोबाइल से दूरी बहुत जरूरी है इसके लिए निम्नलिखित तरीके अपना सकते है - सोने के 15 मिनट पहले किसी भी प्रकार की स्क्रीन से दूर हो जाए, काम से समय मोबाइल का प्रयोग न करे, हफ्ते मे एक दिन मोबाइल फोन का उपयोग न करे, e mail, बिल पैमेंट व अन्य कार्यो के एक समय बना ले और उसी समय मोबाइल फोन का प्रयोग करे। 


दीर्घायु लोगों का मार्गदर्शन 

कम खाना खाइए और पूरी नींद लीजिए, मांसाहार बहुत कम करें, खुश रहें और मजाक करने की आदत ना छोड़े, नशे से दूर रहें, किसी कला में महारत हासिल करें,  कुछ नया सीखते रहें।  अपनी संस्कृति से जुड़े रहे व सदैव काम में व्यस्त रहे। चिंता ना करें और अपने आप को युवा समझें और लोगों के साथ घुलमिल कर रहे। सकरात्मक बने, उतवालापन न दिखाये। 

ओकिनावा खानपान 

हर दिन विभिन्न रंगो की सब्जी खाये। मीठा और नमक का कम प्रयोग करे। कम कैलोरी वाला भोजन करे। भूख से कम खाये। सप्ताह मे दो दिन उपवास करे। 


शतायु जीवन के व्यायाम

एक सर्वे के अनुसार लंबा जीवन जीने वाले लोग ज्यादा व्यायाम करने वाले नही बल्कि ज्यादा चलने वाले होते है। रेडियो ताई शो, जी कुंग और टाइ ची नामक व्यायाम करे। भारतीय योग करें।



जीवन जीने की कला 

एक बार आपको अपने जीवन का उद्देश्य मिल जाए पता चल जाए तो हर पल प्रवाह में रहने से आपको जीवन में वैसा ही आनंद प्राप्त होता है जैसा किसी चित्रकार को कैनवस में रंग भरते समय होता है। यही जीवन जीने की कला है। इसी में जीवन का आनंद छुपा है। आपने देखा होगा बहुत लोग अच्छे से कमाई करने के बावजूद भी आपने जीवन में खालीपन महसूस करते हैं उस खालीपन को इसी इकिगाई की आवश्यकता है।