आपकी सोच को सकारात्मक करने वाली और सकारात्मक सोच की ताकत बताने वाली यह पुस्तक है THE SECRET, रहस्य. इस पुस्तक की लेखिका हैं. RHONDA BYRNE. यह रहस्य क्या है, यह रहस्य है, आकर्षण की ताकत। आपका मस्तिष्क बहुत ही ताकतवर है, यह जो सोचता है आप उसे आकर्षित कर सकते हैं। अगर आपको सुख व संपत्ति चाहिए तो उसके आप सुख व संपत्ति के बारे में सोचिए। इसके विपरीत अगर आपको दुख व तकलीफ चाहिए तो दुख और तकलीफ के बारे में सोचिए। दुनिया में जितने ही महान लोग हुए हैं वह सब इस रहस्य को जानते थे।
आकर्षण के नियम - आकर्षण का नियम दुनिया में हर व्यक्ति पर लागू होता है। आप अपने बारे में अच्छा जीवन सोचे, अच्छा स्वास्थ्य सोचे, अच्छा धन सोचे इत्यादि। आप जो भी कुछ सोचते हैं उसे आप अपने जीवन में आकर्षित करते हैं।
आकर्षण का नियम अच्छी या बुरी चीजों में भेद नहीं करता आप बुरा सोचेंगे तो बुरा पाएंगे और आप अच्छा सोचेंगे तो अच्छा पाएंगे। अपनी भावनाओं से हम जान सकते हैं कि आप अच्छा सोच रहे हैं या बुरा। तुलसी दास जी ने लिखा है, जाकी रही भावना जैसी प्रभु मूरत देखी तिन तैसी।
विचार - एक सकारात्मक विचार एक नकारात्मक विचार से कई गुना ज्यादा ताकतवर होता है। आप कितनी भी विपरीत परिस्थिती में हो हमेशा सकारात्मक सोचें। आप देखेंगे कि आप ने केवल सोच से उस विपरीत स्थिति को बदल दिया है। आप महसूस करेंगे कि जब आप परिस्थितियों को अच्छा करने के बारे में सोचते है ब्रह्मांड आपकी उन परिस्थितियों को सबसे आसान तरीके से सही कर देता है।
जब हम अपने विचारों पर अमल करते हैं तो वह सशक्त तरीके से हमारे जीवन की रचना कर देते हैं। हम चाहे कोई भी काम करें उससे पहले उसके विचार आते हैं। इसलिए हमें हमेशा पॉजिटिव विचार सोचने चाहिए। अपने विचारों की अद्भुत शक्ति से धन-संपत्ति, स्वास्थ्य, समाज, सफल जीवन इत्यादि हर वो चीज हासिल की जा सकती है जिसकी हम अपेक्षा करते है.
इसी तरह अपने विचारों का नकारात्मक भाव भी हम ही पैदा करते हैं और उसके बाद तनाव लेते हैं। हम किसी नकारात्मक चीज को खत्म करना चाहते हैं तो हमें उसका विपरीत सोचना चाहिए जैसे कि हम बीमारी को खत्म करना चाहते हैं तो स्वस्थ जीवन के बारे में सोचना चाहिए। किसी का विरोध करते हैं तो उसके बारे मे बुरा नही सोचे बल्कि जो आपके विरोधी का विरोधी हो उसका समर्थन करें। हमे किसी भी हाल में किसी के बारे मे नकारात्मक नहीं सोचना है।
साधना की शक्ति - साधना मस्तिष्क को शांत करके उसके विचारों को नियंत्रित करने में मदद करती है और शरीर में स्फुर्ति भर देती है। अपने मस्तिष्क पर विजय पाने का एक तरीका अपने दिमाग को शांत रखना है। हम अपनी साधना से दिमाग को शांत कर सकते हैं। बाहर की शांति की बजाए हमें अपने आंतरिक मन की शांति पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।
कृतज्ञ बनिए - आपको हमेशा कृतज्ञ बनना चाहिए। आप ने अपने जीवन में जो भी कुछ आपने हासिल किया है, उसके लिए कृतज्ञ होइए। रोज सुबह भगवान को धन्यवाद कीजिये क्योंकि उसने आपको जीवन दिया, अपने माता पिता को धन्यवाद दीजिए जिन्होंने आपको पाला पोसा। ऐसे ही अन्य चीजो के प्रति कृतज्ञ बनिये।
प्रेम का भाव - प्रेम ब्रह्मांड की सबसे बड़ी शक्ति है इसके लिए हमें हर व्यक्ति से प्रेम करना चाहिए किसी के प्रति द्वेष की भावना नहीं रखनी चाहिए।
आपके विचार आपकी फ्रीक्वसी तय करते हैं अगर आप बुरा सोचते हैं तो बुरी फ्रीक्वेंसी पर पहुंचते हैं और अगर आप अच्छा सोचते हैं तो अच्छी फ्रीक्वेंसी पर पहुंचते हैं। प्रेम का भाव अच्छी फ्रीक्वेंसी ब्रह्मांड मे भेजता है।
रहस्य का प्रयोग - आप पहले तय कीजिए कि आप क्या चाहते हैं। फिर उनको किसी कागज पर लिखिये, उसके बाद उसे ब्रह्मांड से मांग ले। मांग ने के बाद अपनी कल्पनाशीलता को मजबूत करें और यह महसूस करें कि वह चीज आपको मिल चुकी है। आप जितनी अच्छी कल्पना करेंगे उतनी ही कम समय मे आपकी मांगे पूरी होंगी। किसी भी चीज को पाने के तीन चरण है -
पहले उसे मांगे ,
दूसरे यह विश्वास करे कि वह चीज आपको मिल गयी है,
और अंत मे उसे प्राप्त करें।
धन का रहस्य - दौलतमंद बनने के लिए आपको धन की प्रचुरता पर ध्यान देना होगा। अगर आप धन की कमी के बारे में सोचेंगे तो आपके पास हमेशा धन कम ही होगा। पैसा पाने के लिए पैसे को दान करें। दान करने से आप महसूस करेंगे कि आपके पास पर्याप्त पैसा है।
रहस्य और शरीर - शरीर के मामले में आकर्षण का नियम उल्टा काम करता है। मान लीजिए जब हम किसी बीमारी के बारे में सोचते हैं भले ही बिमारी को कम करने के लिए बारे में ही क्यो न सोचे, इससे बीमारी कम नहीं होगी क्योंकि हम बीमारी को सोचकर बीमारी को आकर्षित कर रहे हैं। इसके विपरीत हमें स्वस्थ शरीर की कामना करनी चाहिए जिससे हमारा शरीर स्वस्थ होगा।
योजना बनाना - लेखिका के अनुसार हमें अपने कार्यो की योजना बनानी चाहिए। योजना पॉजिटिव विचारों को लेकर हो ना की नेगेटिव। जैसे मान लीजिए कि आपको कहीं जाना है तो अपनी योजना इस तरह से बनाइए कि हमें जिस जगह जाना है वहाँ बड़े आराम से पहुंच जाएंगे ना कि इस तरह कि हमें रास्ते में कौन-कौन सी दिक्कत होंगी। अगर दिक्कत के बारे मे सोचेंगे दिक्कत ही मिलेगी।
जब कोई बड़ी दुर्घटना होती है तो बहुत सारे लोग एक साथ प्रभावित होते हैं। ऐसे समय में लेखिका के अनुसार आकर्षण का नियम कहता है कि उस समय कहीं ना कहीं इन लोगों के मन में दुर्घटना की भावनाएं आई होंगी। इसी कारण वे लोग गलत समय पर गलत जगह पहुंच गए और इतने सारे लोग एक साथ हताहत हुए।
अंत मे हमारे विचार से आपको यह किताब अवश्य पढ़नी चाहिए क्योकि इस किताब मे लेखिका ने बहुत से महापुरुषो, लेखको और दर्शनिको के वक्तव्य की व्याख्या की है, जो आपको किताब पढ़ने के बाद ही समझ मे आयेगी।