दोस्तो, हम सब मिडिल क्लास लोगो के क्या सपने होते है? एक घर, गाड़ी और थोड़ी बहुत धन सम्पत्ति हों जिससे बुढ़ापे में जब हमारा शरीर काम करना कम कर देता है तो हमे जीवन यापन करने के लिए किसी के सहारे न रहना पड़े। इसे ही फाइनेंशियल फ्रीडम कहते है। फाइनेंशियल फ्रीडम का अर्थ होता है कि जब हमे अपना जीवन यापन करने के लिए पैसे कमाने की जरूरत न रह जाए। लेखक GRANT SEBATIAR ने अपनी पुस्तक FINANCIAL FREEDOM में अपने अनुभव हमारे साथ साझा किए है कि कैसे कम समय में आप फाइनेंशियल फ्रीडम पा सकते है।
हम उन लोगो की बात नहीं कर रहे है जिन्हे घन संपत्ति विरासत में मिली है। हम उन लोगो की बात कर रहे है जो अपना पूरा जीवन का कीमती समय दैनिक जरूरतों को पूरा करने में लगा देते है। फाइनेंशियल फ्रीडम पाने के लिए हमे अभी से प्रयास शुरू कर देना चाहिए। लेखक ने फाइनेंशियल फ्रीडम के लिए कई स्टेज बनाए है –
पहला स्टेज – अपना नंबर जानिए – हर व्यक्ति के सपने और उनकी आय का दायरा अलग अलग होता है इसीलिए हर व्यक्ति का फाइनेंशियल फ्रीडम का नबर अलग अलग होता है। एक सामान्यअनुमान के मुताबिक अपनी सलाना खर्चे के 25 गुना वह नंबर होता है। अपना फाइनेंशियल फ्रीडम का नंबर जानना सबसे आवश्यक है।
दूसरा स्टेज – अपना नेटवर्थ जानिए – ये जानिए कि आपने अब तक कितनी सेविंग और इन्वेस्टमेंट कर रखा है। आपके ऊपर कितना लोन है। इन सब को कैलकुलेट कर आप जान पाएंगे कि आपका नेटवर्थ कितना है।
तीसरा स्टेज – पैसों को लेकर अपनी सोच बदलिए – अगर पैसों को लेकर पुरानी सोच से आपको अपना लक्ष्य नहीं मिल रहा है तो उस सोच को बदलने में ही लाभ है।
चौथा स्टेज - बजट बनाना बंद करे – आप चौक गए, न। लेखक का मानना है कि जब आप बजट बनाते है तो मानसिक रूप से कंजूस हो जाते है जिस कारण छोटे छोटे खर्चों में कंजूसी करने लगते है।
बजट = आय - व्यय= सेविंग
बजट बनाने से आप मानसिक रूप से कंजूस हो जाते है और छोटी छोटी खर्चों पर कंजूसी करते है।
बजट में एक और कमी होती है कि बजट में आय के बाद हम सबसे पहले व्यय करते है और बाद में सेविंग। अक्सर कई बार व्यय हमारी उम्मीद से ज्यादा हो जाते है जिस कारण सेविंग हो नहीं पाती।
अब बात है कि बजट न बना कर हम क्या करे। तो बजट की जगह हमारा फोकस बड़े खर्चों और सेविंग्स पर होना चाहिए। जैसे ही आय प्राप्त हो सबसे पहले सेविंग कर ले। सेविंग के लिए हमने पिछले वीडियो saven stages of financial freedom में बताया है।
पांचवा स्टेज – अपनी आय को बढ़ाना – आपको अपनी आय को बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए और ऐसा जॉब ढूंढना चाहिए जिसमे भविष्य में आय बढ़ने के अवसर हो।
छठा स्टेज – आय के अन्य स्रोत ढूंढना - महंगाई की इस दौर में एक आय के स्रोत पर आश्रित रहना मूर्खता है। अतः आय के अन्य स्रोत ढूंढते रहना चाहिए।
सातवा स्टेज – निवेश करना – long term goal को ध्यान में रखकर निवेश करना चाहिए। अपने निवेश को डाइवर्सिफाइड कीजिए।
इन तरीको से आप फाइनेंशियल फ्रीडम पा सकते है।
हम सभी फाइनेंशियल फ्रीडम तो चाहते है लेकिन हम हमेशा असमंजस में रहते कि अभी हम किस स्टेज पर है। हमे अपनी स्थिति का पता होना चाहिए तभी हम भविष्य की योजना बना सकते है। लेखक ने फाइनेंशियल फ्रीडम की स्थिति को जानने के लिए इसे सात स्टेज में विभाजित किया है।
इन स्टेज को आपको क्रम से प्राप्त करना है जैसे अगर आप पहले स्टेज को प्राप्त कर लेते है तब दुसरा स्टेज और दूसरा स्टेज प्राप्त कर लेते है तो तीसरा स्टेज।
पहला स्टेज क्लियरिटी – आपको स्पष्ट रूप से ये क्लियर होना चाहिए कि आप आर्थिक रूप से कहा पर खड़े है और आपको कहां जाना है। अपने गोल क्लियर होने चाहिए। सबसे पहले वह नंबर जानिए जो आपको फाइनेंशियल फ्रीडम de सकते है, ये नंबर हर व्यक्ति का अलग अलग होता है। एक अनुमान के अनुसार अगर कोई अन्य बड़ा खर्च न हो तो उसकी वार्षिक व्यय का 25 गुना वह नंबर होता है। उदाहरण से समझते है
मान लीजिए एक व्यक्ति है अमित
अमित का मासिक व्यय 20000 है। तो वार्षिक व्यय हु़वा 240000
240000 का 25 गुना अर्थात 60 लाख। वर्तमान में। भविष्य में महगाई बढ़ेगी, जिसे फिलहाल हम इग्नोर कर रहे है।
बड़ा खर्च जैसे घर, बच्चो की पढ़ाई, बच्चो की शादी आदि ये भी इस रकम में जुड़ेंगे।
इसके बाद इस रकम से नेटवर्थ घटानी है।
नेटवर्थ = अब तक का आपका निवेश - आपके ऊपर का लोन
अब जो नंबर आयेगा वही होगा आपके फाइनेंशल फ़्रीडम का नंबर।
दूसरा स्टेज सेल्फ सफिएंसी – आपको अपनी दैनिक जरूरतों के लिए किसी पर आश्रित नहीं रहना है। अगर आप अपने खर्च से अधिक की आय नही करेंगे तो आप फाइनेंशियल फ्रीडम नही पा सकते है। उदाहरण में आपकी आय कम से कम 20000 के ऊपर होनी चाहिए।
तीसरा स्टेज सेविंग्स रूल – आपके पास सैलरी के अलावा सेविंग्स होने चाहिए। आपको अपनी आय का कम से कम 10% सेविंग करनी चाहिए। अगर आपके ऊपर कोई लोन हो तो ये सेविंग बढ़ कर 30% हो जायेगी।
चौथा स्टेज स्टेबिलिटी – आपके पास 6 महीने के खर्च का पैसा आपके सेविंग अकाउंट में होना चाहिए। जिसे आप जब भी जरूरत हो निकाल सके। पुराने उदाहरण में 20000 X 6=120000
पांचवा स्टेज फ्लैक्सिबिलिटी – आपके पास 2 साल के खर्च का पैसा कही न कही निवेशित होना चाहिए। आप इस पैसे को शेयर में , म्यूचुअल फंड और बॉन्ड में निवेशित कर सकते है। उदाहरण के अनुसार 480000। आप अपने निवेश को अलग अलग जगह निवेशित कीजिए।
छठा स्टेज डिपेंडेंसी – आपके पैसे ऐसी जगह निवेशित होने चाहिए जिससे आपको रेगुलर इनकम होती रहे जिससे आपको नौकरी करना एक ऑप्शन बन जाए।
सातवा स्टेज एबूडेंट फंड – जितनी आपको जरूरत है उससे ज्यादा का फंड आपके पास रहना चाहिए। उदाहरण में यह रकम है 60 लाख जिसमे यह माना गया है की आपके पास कोई बढ़ खर्च नही है और कैलकुलेशन की आसानी के लिए महंगाई की दर को भी इग्नोर किया गया है।
यही है फाइनेंशियल फ्रीडम।
आपको कम समय में फाइनेंशियल फ्रीडम हासिल कर लेंना है। जिससे आप अपनी लाइफ को खुशी से जी सके।