नियम सभी को पसंद नही आते लेकिन नियम हमारे जीवन को अनुशासन के साथ सफलता प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त करते है। हमारे जीवन को ऑर्गेनाइज करके हमें जीवन से सफलता प्रदान करने वाले 12 नियमो को लेखक JORDEN B PETERSON ने अपनी पुस्तक 12 RULES FOR LIFE में हमारे समक्ष प्रस्तुत किया है।
1. शारिरिक और मानसिक रूप से जिंदगी के हर चैलेंज के लिए तैयार रहिए। हमेशा पॉजिटिव सोचिए। अपने आत्म बल को मजबूत कीजिए और मोटिवेटेड रहिए। लाइफ अनप्रीडेक्टिबल है इसीलिए किसी भी परिस्थिति के लिए खुद को तैयार रखिए।
2. सबसे पहले खुद के लिए जिए। ये आपको चौकाने वाला लग रहा होगा लेकिन ये वास्तविक सत्य है। अपनी समस्याओं के प्रति खुद को तैयार कीजिए, किसी के मोहताज न बनिए। सबसे पहले अपनी मदद कीजिए उसके बाद दूसरो की मदद करे।
3. उन्ही को दोस्त बनाइए जो वाकई आपका भला चाहते हो। हमे अपना दोस्त बहुत हीं समझदारी से बनाना चाहिए। हमारे दोस्त जैसे होंगे हमे भी वैसा बना देंगे। दोस्ती में मदद पारस्परिक होनी चाहिए। अर्थात जब आप अपने दोस्त की मदद करे तो पहले ये देख ले की क्या वह भी आपकी मदद कर सकता है। हमे हमेशा अपनी दोस्ती जीतने वाले लोगो के साथ करनी चाहिए।
4. अपने आप को खुद से कंपेयर कीजिए न की किसी और से। कोई भी दो लोग एक जैसे नहीं हो सकते, दो लोगो का मानसिक, शारिरिक, आर्थिक, और भौगोलिक स्तर एक जैसे नहीं होते है। इसीलिए किसी और से तुलना न करके खुद से तुलना करनी चाहिए। कि पहले आप क्या थे और अब आप क्या है। अपने जीवन में।हमेशा सफलता के लिए कार्य करे।
5. अपने बच्चो को कुछ भी ऐसा न करने दीजिए जिसे आप पसंद नही करते। बच्चो को आसान नियमो से बांधना चाहिए। ताकि उन्हें अपनी सीमाएं पता हो। ये नियम ऐसे होने चाहिए -
1-- नियम बहुत ज्यादा न हो।
2- हमेशा कम से कम बल का प्रयोग करना चाहिए।
3- बच्चों पर ध्यान देने के लिए माता पिता को एक होना पड़ेगा।
बच्चो को सीखने दे। बच्चो पर दबाव न बनाएं और उनकी प्रतिभा को उभरने का पूरा मौका दे।
6. किसी और को सलाह देने से पहले खुद को सही कीजिए। दूसरो को दोष देने से पहले खुद जिम्मेदारी ले। अपनी जिम्मेदारियों से भागिए नही।
7. वो करिए जिससे आपकी लाइफ को उद्देश्य।या दिशा मिलती है। हमारा उद्देश्य तुरंत मिलने वाले सुख को त्याग कर लॉन्ग टर्म सुख को ध्यान देना चाहिए।
8. ज्यादा से ज्यादा सच बोलिए। हमे बचपन से सिखाया जाता है कि हमे झूठ नही बोलना चाहिए लेकिन वर्तमान में हमे झूठ बोलने की आदत सी पड़ गई है। झूठ की दुनिया से बाहर निकलिए।
9. हमेशा यह सोचिए कि सामने वाले से कुछ सीखने को मिलेगा। वैसे समाज में उसे प्रभाव शाली माना जाता है जो बोल रहा होता है और बाकी लोग उसकी बाते सुन रहे होते है। लेकिन सुनने वाला ज्यादा सीखता है। आप जितना सुनेंगे उतना ही सीखेंगे।
10. कम बोलिए और ऐसा बोलिए जो लोग सुनना चाहे। जब हम ज्यादा बोलते है तो अनायास ही कुछ अनर्गल निकल जाता है। जो आपके सामाजिक जीवन के लिए उचित नहीं होता है।
11. सामाजिक रूप से किसी से भेद भाव नही रखना चाहिए। आपकी धर्म या जाति के साथ सदियों पहले कोई भेदभाव हुआ था अगर वह भेदभाव आज नही हो रहा हो तो इस भेदभाव को भूल जाना ही समझदारी है। अगर आज भी आप उस नफरत को अपने अंदर पनपने देंगे तो इस तरह से आप अपने आप को कमजोर करेंगे।
12. लोगो की मदद करे। संसार दुख से भरा पड़ा है। लेकिन हमे इतने दुखो के बीच खुश रहने का मौका ढूंढना चाहिए। छोटी छोटी खुशियों को पूरी तरह से एंजॉय करना चाहिए।
जब भी मौका मिले और आप में क्षमता हो तो लोगो की मदद करनी चाहिए।
लेखक का मानना है कि इन 12 नियमो को धीरे धीरे अपने जीवन में अपना कर अपने जीवन को ऑर्गेनाइज कर टेंशन फ्री हो सकते है। इंसान ने सिद्धांतो और उद्देश्य के साथ जन्म लिया है जिन्हे पूरा करने में इंसान के पर्सनेल इंटरेस्ट बीच में नहीं आने चाहिए। इंसान को पीड़ित बने रहने से बचना चाहिए।