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WHAT EVERY INDIAN SHOULD KNOW BEFORE INVESTING


 

आपके द्वारा जमा किया गया एक एक पैसा एक अच्छे दोस्त की तरह होता है जो बुरे वक्त में आपके काम आता है। बचत करना एक बहुत अच्छी आदत है लेकिन आज के बदलते दौर में सिर्फ बचत करने से आपकी इच्छाएं पुरी नही हो सकती है। बचत के अलावा आपको इन्वेस्टमेंट के बारे में अच्छी जानकारी  होनी चाहिए। सही इन्वेस्टमेंट से इनकम के  सोर्स को बढ़ाया जा सकता है। जिससे हमे हमारा गोल अचीव करने में आसानी होगी।

 

हमारे देश में फाइनेंसियल एजुकेशन का बहुत अभाव है। हमारे देश में इन्वेस्टमेंट के बारे में जो भी पुस्तके उपलब्ध है उनमें से  ज्यादा तर पुस्तके विदेशी है विदेशी पुस्तकों में बहुत सी ऐसी जानकारी होती है जिनकी हमे जरूरत नही होती। और हमारी जरूरत की कई जानकारी उस पुस्तक में नही होती। इन समस्या को देखते हुए सिर्फ भारतीयों के लिए  लिखी गई पुस्तक WHAT EVERY INDIAN SHOULD KNOW BEFORE INVESTING जिसके लेखक विनोद पोटियाल है। इस पुस्तक में भारत में उपलब्ध इन्वेस्टमेंट के ऑप्शन  के बारे में पूरी जानकारी दी है। ।

 इन्वेस्टमेंट करने के लिए हमे अपने स्वभाव कर कंट्रोल करना होगा। अनावश्यक खर्चों को कम करके बचत करनी होगी। हमे इन्वेस्टमेंट की आदत डालनी होगी।

 

पहले यह माना जाता था कि महिलाएं सिर्फ घरेलू काम कर सकती है। लेकिन बदलते दौर में महिलाओ ने भी अपने आप को बदला है। और आज हर फील्ड में महिलाएं पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रही है। 

इसी तरह इन्वेस्टिंग के फील्ड में भी महिलाएं पुरुषों से कम नहीं है यहां तक कि कई बेसिक गुण उन्हे इस फील्ड में पुरुषों से आगे रखते है। 

जैसे पैसो के मामले में उनका हिसाब किताब सबसे बेहतर होता है। महिलाएं पैसों को लेकर ज्यादा सिक्योरिटी ओरिएंटेड होती है। महिलाएं पैसों को।बहुत संभाल कर रखती है और कब खर्च करना है और कितना खर्च करना है ये महिलाओ से बेहतर कोई नहीं जानता। हर छोटी से छोटी बात की जानकारी रखना इन्हे बखूबी आता है। इसीलिए पुरुष की तुलना में महिला निवेश करने से पहले ज्यादा विचार करती है। महिलाओ में बहुत धैर्य होता है इसीलिए उनका इन्वेस्टमेंट लॉन्ग टर्म का होता है। जब से न्यूक्लियर फैमिली का चलन शुरू हुआ है तब से महिलाएं ज्यादा निवेश करने लगी है। आज के दौर में महिलाओ को निवेश करना बहुत जरूरी हो गया है इसकी सात वजह है

 

1. महिलाओ के लाइफ एक्सपेंटेंसी पुरुषो की अपेक्षा ज्यादा होती है। इसीलिए भविष्य को देखते हुए उन्हें इन्वेस्टमेंट स्टार्ट कर देना चाहिए।

2. हमारे देश में दूसरे देशों की तरह divorce का चलन बहुत बढ़ गया है। इसीलिए बुरे समय में किसी दूसरे पर निर्भर न रहना पड़े इसके लिए जरूरी है कि निवेश करे। 

3. शादी के बाद ज्यादातर महिलाओं को अपनी जॉब को छोड़ना पड़ता है। जॉब छोड़ने के बाद आने वाली फाइनेंशियल समस्या से बचने के लिए इन्वेस्टमेंट जरूरी है।

4. दूसरे देशों की तरह हमारे देश में भी सिंगल रहने का चलन बढ़ रहा है सिंगल रहने के कारण महिलाओं के पास दूसरी इनकम का कोई जरिया नहीं होता है। इसीलिए जरूरी है कि महिलाएं निवेश करे।

5. महिलाओ का  रिस्क मैनेजमेंट बहुत अच्छा होता है।  इसीलिए महिलाओ के द्वारा किए गए इन्वेस्टमेंट कम रिस्की और लॉन्ग टर्म होते है।  भविष्य को देखते हुए इस तरह के इन्वेस्टमेंट की सलाह दी जाती है। 

6. महिलाएं पूरा घर संभालती है। घर में हमेशा financial समस्या बनी रहती है। इसीलिए जरूरी है कि छोटे छोटे investment करके बुरे वक्त के लिए बचा कर रखे। 

7. अगर घर में महिला इन्वेस्टमेंट करना सीख कर इन्वेस्टमेंट करती है। तो वह अपने बच्चो को भीं इन्वेस्टमेंट करना सीखा देगी। इस तरह से आने वाली जेनरेशन फाइनेंशियल एजुकेटेड हो जायेगी।

अगर आप महिला है और आप इन्वेस्टमेंट करना चाहती है, तो छोटे छोटे पैसों को जोड़कर इन्वेस्टमेंट करना शुरू कर दे। जितनी जल्दी इन्वेस्टमेंट स्टार्ट कर देंगी उतना ही फ्यूचर के लिए अच्छा होगा।

 साथियों, पिछली वीडियो में हमने इन्वेस्टमेंट के इंपोर्टेंस के बारे में समझा था, और यह जाना था की महिलाए को इन्वेस्टमेंट क्यों करना चाहिए, आज कि वीडियो में हम जानेंगे कि investment ke कोन कोन से बेसिक टर्म और फॉर्मूले है। जिन्हे जानकर किसी से आप इन्वेस्टमेंट के बारे में किसी से बात करेंगे  तो आपको सामने वाले की बात समझने में बहुत दिक्कत नही होगी। इसीलिए इन्वेस्टमेंट शुरू करने से पहले इन बेसिक टर्म को जान लेना बहुत जरूरी है। 


नमस्कार साथियों, मैं हूं मनोज आपका स्वागत करता हूं अपनी क्लास Life Lessons by Guruji में, गुरु जी की क्लास में आपको जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए अनमोल ज्ञान दिया जाता है । इसीलिए सब्सक्राइब वाली घंटी बजाकर हमसे जुड़े रहे। तो चलिए वीडियो शुरू करते है।


Investment के बेसिक टर्म - किसी  काम को शुरू करने से पहले उसके बेसिक टर्म जान लेना बहुत जरूरी हो जाता है। जैसे आप कार चलाना सीखना चाहते है तो आपको पता होना चाहिए कि कार स्टार्ट कहा से होती है, उसके स्टेयरिंग का क्या काम है, ब्रेक कैसे लगाते है। इसी तरह इन्वेस्टमेंट शुरू करने से पहले उसके बेसिक टर्म जान लेना बहुत जरूरी है जैसे -

 

Assets - assets means संपत्ति अर्थात ऐसी वस्तु जिसे पैसे में आंका जा सके। इसे दो भागो में बांट सकते है।

 

Liquied assets - ऐसे एसेट्स जिन्हे आसानी से  खरीदा और बेचा जा सकता है। जैसे शेयर, बॉन्ड म्यूचुअल फंड, गोल्ड इत्यादि।

फिक्स्ड Assets - ऐसे एसेट्स जिन्हे आसानी से खरीदा और बेचा नही जा सकता है, जैसे रियल एसेट्स, plot, flat, 

 

Gain and Loss - जब शेयर, बॉन्ड म्यूचुअल फंड को कम दाम में खरीद कर ज्यादा दाम में बेचते है तो gain होता है, और जब इसका उल्टा होता है तब loss होता है। मान लीजिए किसी म्यूचुअल फंड को 10000 में खरीदा और कुछ समय बाद उसे 15000 में बेंच दिया तो आपको 5000 का gain हुआ वही आपने 10000 में खरीद कर 8000 में बेच दिया तो आपको 2000 का लॉस हुआ।

 

Return - जब शेयर, बॉन्ड म्यूचुअल फंड को gain या loss me बेचते है तो उसे समय के अनुसार बताने के लिए रिटर्न कहते है जैसे पिछले उदाहरण में 5000 का gain 1 साल।में हुआ होता तो हम कहते की आपको 1 साल में 50% का रिटर्न मिला है। 

 

NAV (Net Assets Value) - म्यूचुअल फंड के प्राइस हर दिन तय किए जाते है। इसी वैल्यू को म्यूचुअल फंड का NAV कहते है। ये प्राइस मार्केट के अनुसार रोज घटते बढ़ते रहते है। 

 

NSE और BSE - NSE और BSE शेयर मार्केट है जहां पर डिजिटल फॉर्म में शेयर की खरीद और बिक्री होती है। 

 

Investment ke formula - याद कीजिए जब आप बचपन में मैथ्स की क्लास करते थे फार्मूले आपके कितने मदद गार होते थे पूरी कैलकुलेशन को आसान बना देते थे। इसी तरह इन्वेस्टमेंट के फॉर्मूले इन्वेस्टमेंट की कैलकुलेशन को आसान बना देते है। 

 

Future value of investment - इस फॉर्मूले से हम जान सकते है कि इस इन्वेस्टमेंट से फ्यूचर में कितने पैसे मिलेंगे। 

 

Present value of investment - यह फार्मूला Future value of investment फॉर्मूले का बिलकुल उल्टा है इस फॉर्मूले  से हम जान सकते है कि जो रकम आपने फ्यूचर के लिए सोची है उसके लिए आपको आज कितना पैसा इन्वेस्ट करना पड़ेगा। 

 

SIP (Systemitic Investment Plan) Amount- इस फॉर्मूले को कहते है कि बूंद बूंद से सागर भरना। इस फॉर्मूले से हम जान सकते है कि जो रकम आपने फ्यूचर के लिए सोची है उसके लिए per month कितना SIP  करना होगा।

 

Rate of Growth - इस फॉर्मूले से आप जान सकते है कि आपको अपनी इन्वेस्टमेंट पर कितने परसेंट से ग्रोथ मिल रहा है। 

 

Calculate Time period - इस फॉर्मूले से हम जान सकते है कि आपकी इन्वेस्टमेंट अमाउंट को फ्यूचर में सोची गई अमाउंट कितने समय में बन जायेगी।

 

इन फॉर्मूले के उपयोग से आप इन्वेस्टमेंट को बहुत अच्छी तरह से समझने लगेंगे। जब आप इन फॉर्मूले में एक्सपर्ट हो जायेंगे फिर आपको इन्वेस्टमेंट में मजा आने लगेगा।

 साथियों आज की क्लास यही समाप्त हुई अगर आपको हमारी क्लास में ज्ञान प्राप्त हूवा हो तो subscribe वाली घंटी बजा कर हमसे जुड़े रहे। जिससे भविष्य में आप इतनी महत्वपूर्ण क्लास कभी क्लास मिस न कर पाए।


 विडियो अच्छी लगी हो तो वीडियो को लाइक और शेयर करे। वीडियो में कोई बात समझ में नहीं आई हो या वीडियो को लेकर कोई सलाह या समस्या हो तो कमेंट अवश्य करे। आपके द्वारा दिए गए सुझावों से ही मैं वीडियो को और बेहतर बना सकता हू।


धन्यवाद



नमस्कार साथियों , आज विनोद पोटियाल की पुस्तक WHAT EVERY INDIAN SHOULD KNOW BEFORE INVESTING का तीसरा और अंतिम पार्ट पर चर्चा करेंगे। पहले पार्ट में हमने इन्वेस्टमेंट का महत्व दूसरे पार्ट में इन्वेस्टमेंट के टर्म्स और फॉर्मूले के बारे में चर्चा की थी। आज हम जानेंगे कि पुस्तक में इन्वेस्टमेंट के कौन कौन से ऑप्शन दिए है। तो चलिए वीडियो शुरू करते है।



Investment options - आप अपना इन्वेस्टमेंट कैसे करते है अपने परिवार वालो की राय पर या दोस्तो के देखा देखी या ऑफिस में साथी कर्मचारियों के कहने पर। और तो और कभी कभी नुक्कड़।के।चायवाले के कहने पर। हमे अपना निवेश अपनी जरूरतों की मुताबिक रिसर्च करके करना चाहिए न की किसी के कहने पर। रिसर्च करने के लिए आपको जानना होगा कि अपने देश में कौन कौन से investment options उपलब्ध है।


Fixed Deposit (FD)- इस इन्वेस्टमेंट के बारे में तो आपने अपने दादा और दादी जी से भी सुना होगा। यह अंग्रेजो के  जमाने से चला आ रहा इमरजेंसी इन्वेस्टमेंट ऑप्शन है। जब भी आपके घर में पैसे की अचानक जरूरत पड़ती होगी तब आपने  FD को तुड़वाने की बात सुनी होगी।  यह इन्वेस्टमेंट सबसे सेफ और सिंपल है। 

Fixed Deposit में हर चीज फिक्स्ड होती है।जैसे इंटरेस्ट रेट, टाइम पीरियड और फ्यूचर में मिलने वाली रकम अर्थात सब कुछ फिक्स्ड। जैसे मान लीजिए आपने 15000 रुपए 10 % के रेट से 5 सालो के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट कर दिए । तो 5 साल बाद आपको 24579 रुपए मिलेंगे। आपने इस निवेश में 9579 रुपए की इनकम करेंगे। यानी सब कुछ फिक्स्ड।

FD का नुकसान यह है कि 

इसमें इंटरेस्ट रेट कम होता है। लगभग इनफ्लेशन रेट के बराबर।

फिक्स्ड टाइम पीरियड की वजह अगर FD ko बीच में तुड़वाते है तो कुछ पेनाल्टी भी लगाई।जाती है। 

Recurring Deposit (RD)- FD के बाद आपने जिस इन्वेस्टमेंट के बारे में सबसे ज्यादा सुना होगा वो है Recurring Deposit (RD) FD की तरह RD भी सेफ और सिंपल है। FD और RD में मूलभूत अंतर है कि RD में एक मुस्त पैसा जमा न करके मंथली बेसिस पर पैसा जमा होता है बाकी सब कुछ FD की तरह रहता है। RD में इंटरेस्ट रेट बहुत कम है लेकिन जो लोग  इन्वेस्टमेंट स्टार्ट कर रहे है उन के लिए बढ़िया ऑप्शन है। जैसे मान लीजिए 10000 per month की 5% रेट पर 60 महीनों के RD की। 60 महीने में आप 300000 जमा करेंगे और आपको 341447 रुपए मिलेंगे अर्थात 41447 की इनकम। 

RD का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह सेविंग की आदत डलवाने के लिए सबसे अच्छा इन्वेटमेंट ऑप्शन है। 

RD का नुकसान यह है कि इसकी ब्याज की दर बहुत कम होती है कई बार महंगाई दर से भी कम होती है। RD करवाने से इनकम टैक्स में कोई फायदा नही होता है। 

 

NATIONAL SAVING CERTIFICATE (NSC) - सरकार की गारंटी वाला यह सबसे सेफ इन्वेस्टमेंट ऑप्शन है।  यह पैसे बचाने का पुराना प्लान है। NSC से आपको income tax में भी डिडक्शन मिलता है। इस इन्वेस्टमेंट का सारा सिस्टम FD की तरह है। बस कमी यह हैं की यह पोस्ट ऑफिस में ही ओपन हो सकता है। 

 

Post Office Monthly Income  Scheme (POIMS) - एक बार ज्यादा पैसे जमा करके मंथली इनकम पाने का सबसे अच्छा और कम रिस्क वाला इन्वेस्टमेंट ऑप्शन है। यह सीनियर सिटीजन और रिटायर्ड परसन के लिए अच्छा प्लान है। यह बिलकुल FD की तरह है अंतर सिर्फ इतना है कि इसमें इंटरेस्ट मंथली अकाउंट में डिपॉजिट होता है। सिंगल अकाउंट में 450000 से और ज्वाइंट अकाउंट में 900000।अधिकतम से अकाउंट खोला जा सकता है। 

 

The Senior Citizen Saving Scheme (SCSS) - यह इन्वेस्टमेंट ऑप्शन बिलकुल Post Office Monthly Income  Scheme (POIMS)  जैसा है अंतर सिर्फ इतना है कि यह विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों को लिए तैयार किया गया है।।इसमें इंटरेस्ट रेट ज्यादा मिलता है। इस प्लान में इंटरेस्ट मंथली न मिलकर क्वाटरली मिलता है। इसका खाता पोस्ट ऑफिस और बैंक दोनो में खुल सकता है।प्राइवेट बैंकों में अभी सिर्फ icici Bank यह सुविधा देती है।  60 वर्ष से अधिक आयु के  लोगो के लिए यह प्लान सबसे अच्छा है। सेफ एंड सिक्योर रिटर्न भी सबसे ज्यादा। इस स्कीम में अधिकतम 15 लाख जमा हो सकते है। 

 

The Public Provident Fund (PPF) -  अपने tax benefits के कारण यह इन्वेस्टमेंट ऑप्शन युवाओं में बहुत पोपुलर है। रिटायरमेंट के अपने उद्देश्य के कारण इस स्कीम का लॉकिंग पीरियड 15 साल का है।  इस स्कीम में उम्र की कोई बाध्यता नहीं है अर्थात आप अपने बच्चो के लिए भी PPF account खुलवा सकते है। 

 

Sukanya Smaridhdhi Yojana (SSY) - यह इन्वेस्टमेंट प्लान बिल्कुल The Public Provident Fund (PPF) जैसा है । बेसिक अंतर सिर्फ यह है कि यह अकाउंट 15 साल से कम आयु की लड़कियों का खुलता है और मैच्योरिटी अमाउंट भी लड़कियों को ही मिलती है। इसका रिटर्न सभी गवर्मेंट स्कीम वाली इन्वेस्टमेंट में सबसे ज्यादा मिलता है। इसीलिए अगर आप अपनी बच्ची के लिए कोई इन्वेस्टमेंट करना चाहते है तो यह प्लान सबसे बेस्ट है। 

 

Stocks - हमारे देश में ज्यादा तर लोग शेयर मार्केट का नाम सुनकर घबरा जाते है। वो शेयर मार्केट की तुलना जूए के अड्डे से करने लगते है। शेयर मार्केट सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाला इन्वेस्टमेंट ऑप्शन है। ज्यादा रिटर्न है तो ज्यादा रिस्क तो होगा ही। ज्यादा रिस्क होने के कारण मेरा मानना है कि शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट के पहले आपको शेयर मार्केट की पूरी जानकारी ले लेनी चाहिए। अगर आप शेयर मार्केट की पूरी जानकारी चाहिए तो कमेंट कीजिए ज्यादा comment होने पर में शेयर बाजार पर अलग से वीडियो बनाऊंगा। 

Mutual fund - अगर आपको लगता है शेयर मार्केट या स्टॉक्स में निवेश करना बहुत जोखिम भरा है। तो mutial fund best investment option हो सकता है। Mutual fund में आपका पैसा,  एक्सपर्ट टीम के द्वारा विभिन्न निवेश के ऑप्शन में निवेश में किया जाता है। जब एक्सपर्ट टीम पैसा निवेश करती है तो जोखिम कम होता है। एक्सपर्ट टीम इसके लिए अपनी फीस लेती है।  अगर आप mutual fund में इन्वेस्ट कर tax saving करना चाहते है तो आप ELSS mutual fund me निवेश कर सकते है। Mutual fund investments आज के दौर में बहुत पोपुलर है क्योंकि यह कम रिस्क में ज्यादा रिटर्न देते है।

Gold - अपने देश में सोने पर निवेश करने का चलन बहुत पुराना है। गोल्ड ज्वेलरी पर मेकिंग चार्जेस लगता है जिस कारण ज्वेलरी महंगी पड़ती है। जिस कारण आज कल गोल्ड ईटीएफ और सरकार के द्वारा सोवरीन गोल्ड भी मार्केट में है और बहुत पोपुलर हो रहे है। 

Real estate - घर होना एक बुनियादी आवश्यकता है। और जब घर या जमीन को खरीदने और बेचने के लिए लिया जाए तो वो भी इन्वेस्टमेंट ऑप्शन बन जाता है। भारतीयों ने पिछले 20 सालो। में इस इन्वेस्टमेंट ऑप्शन का भरपूर उपयोग किया है। इस निवेश में मोटा पैसा लगता है और सबसे ज्यादा कानूनी दाव पेंच है। लेकिन इस निवेश का रिटर्न सबसे अच्छा है। वैसे भी अपना घर बनवाना हम भारतीयों का सपना होता है। इस प्रॉपर्टी को आप rent पर देकर other source of income पा सकते है। 


एक अत्यंत महत्वपूर्ण बात कि जितनी जल्दी हो सके अपना विल बनाए। विल में आप बताते है कि आप के न रहने पर आपकी संपत्ति किसे मिलेगी।  अगर किसी की मृत्यु बिना बिल के हो जाती है तो उसे इंटरस्टेट डेथ कहा जाता है। इस केस उनकी संपत्ति का बटवारा उनके धर्म के कानून के अनुसार किया जाता है। इसीलिए अगर आप चाहते है कि आपके न रहने पर आपके द्वारा कमाई गई संपत्ति का बटवारा आपकी इच्छा के अनुसार हो तो विल अवश्य बनवाए।

साथियों आज इस पुस्तक के तीनों पार्ट समाप्त हुए। विषय महत्वपूर्ण था इसीलिए इस विषय को तीन भागों में बांट कर विस्तृत रूप से चर्चा की गई है। आशा है आपको इन्वेस्टमेंट के बारे में अच्छी खासी जानकारी हो गई होगी।