आचार्य चाणक्य के अर्थशास्त्र के विषय में जानकारी की बात करे। आचार्य चाणक्य ने अपनी योग्यता और नीतियों के बल पर चंद्रगुप्त मौर्य को मगध का सम्राट बनाकर खुद मगध के प्रधान मंत्री बने । इन्ही नीतियों के बल पर संपूर्ण भारत को एक किया और मगध को सबसे शक्तिशाली और समर्द्ध राज्य बना दिया। चाणक्य ने विश्वप्रसिद्ध पुस्तक अर्थशास्त्र लिखी है। जब चाणक्य की नीतियों का पालन कर मगध सबसे शक्तिशाली और धनवान राज्य बन सकता है तो उन नीतियों का पालन कर हम भी शक्तिशाली और धनवान बन सकते है। इसीलिए चाणक्य नीति का पालन कर अपने जीवन को सफल बनाएं। आइए देखते है कि चाणक्य नीति में मां लक्ष्मी के सम्मान में क्या कहा है।
चाणक्य नीति के अध्याय 10 श्लोक 14 के अनुसार कमला देवी अर्थात लक्ष्मी जिसकी माता है और सर्वव्यापक श्री विष्णु जिसके पिता है प्रभु के भक्त जिसके भाई बंधु है ऐसे पुरुष के लिए तीनो लोक अपने देश के समान है।
हमारे समाज में मां लक्ष्मी को सुख, शांति समृद्धि धन और वैभव की देवी माना गया है। ऐसा माना जाता है कि जिस व्यक्ति को देवी।लक्ष्मी।का आशीर्वाद प्राप्त होता है वह व्यक्ति सुख शांति धन वैभव के साथ समाज में सम्मान पाता है। चाणक्य नीति के अनुसार जिसकी मां लक्ष्मी हो पिता भगवान विष्णु हो और जो भक्तो के संगति में रहता है उस व्यक्ति को पूरी दुनिया में कहीं भी दिक्कत नही हो सकती है।
इसीलिए आचार्य चाणक्य मां लक्ष्मी को अपने निवास में हमेशा के।लिए बनाए रखने के लिए कहा है। और बताया है कि ये कार्य करने पर मां लक्ष्मी त्याग कर चली जाती है।
चाणक्य नीति के अध्याय 15 श्लोक 4 के अनुसार गंदे कपड़े पहनने वाले , दांतो की सफाई न करने वाले अधिक भोजन करने वाले कठोर वचन बोलने वाले सूर्य उदय और सूर्यास्त के समय सोने वाले व्यक्ति को लक्ष्मी, स्वास्थ्य सौंदर्य और शोभा त्याग देती है भले ही वह विष्णु क्यों न हो।
मां लक्ष्मी को अपने निवास में रोक कर रखने के लिए लोग कई तरह के प्रयास करते है लेकिन उनके सभी प्रयास व्यर्थ हो जाते है। और मां लक्ष्मी त्याग कर चली जाती है। आचार्य चाणक्य ने इसका कारण बताया कि मां लक्ष्मी ऐसे लोगो को त्याग देती है जो ये कार्य करता है।
जो लोग गंदे कपड़े पहनते है, अपनी और अपने निवास की सफाई नही करते। अर्थात ऐसे लोग अपनी सफाई के प्रति बिलकुल भी जागरूक नहीं रहते है। खुद भी गंदे बने रहते है और अपने निवास को भी गंदा रखते है। ऐसे जगह को मां लक्ष्मी त्याग देती है।
जो लोग आवश्यकता से अधिक भोजन करते है और ऐसे लोग परिश्रमी नहीं होते है। अधिक भोजन और कम परिश्रम से ऐसे लोगो का स्वास्थ्य खराब रहता है। ऐसे लोग अपने परिवार पर बोझ बनते है। ऐसे लोगो को मां लक्ष्मी त्याग देती है।
जो लोग दूसरे लोगो को कठोर वचन बोलते रहते है। कहा जाता है कि व्यापार में बोली ही हमारा धन है अगर आप लोगो से अपशब्द बोलेंगे तो लोग आपसे संबंध तोड़ लेंगे और आपका व्यापार बंद हो जायेगा। फिर मां लक्ष्मी आपको त्याग देगी। आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में बताया है कि हमे लोगो से कैसे बात करनी है इसके बारे में हम आगे आने वाली वीडियो में चर्चा करेंगे अभी अपने विषय पर बने रहते है।
सूर्य उदय और सूर्यास्त के समय सोने वाले व्यक्ति । अर्थात ऐसे लोगो का कोई निश्चित शेड्यूल नहीं होता है। बिना शेड्यूल के ऐसे लोगो का सारा काम बिखरा हुआ होता है। और कोई भी काम पूरा नहीं होता है। ऐसे लोगो को मां लक्ष्मी त्याग देती है।
इसके अलावा आचार्य चाणक्य ने बताया है कि कुछ काम ऐसे होते है जिन्हे करने से मां लक्ष्मी हमेशा के लिया आपके घर में निवास करने लगती है।
चाणक्य नीति के अध्याय 3 श्लोक 21 के अनुसार जहा मूर्खो की पूजा नही होती, जहा अन्न आदि काफी मात्रा में इकट्ठे रहते है। जहां पति पत्नी में किसी प्रकार का कलह नही होता है। ऐसे स्थान पर माता लक्ष्मी स्वयं आकर निवास करने लगती है।
चाणक्य के अनुसार अगर आप चाहते है कि मां लक्ष्मी आपके घर में निवास करे तो 3 बातो का ध्यान रखे।
1. जहां मूर्खो की पूजा नही होती अर्थात जिस जगह का मुखिया मूर्ख नहीं व्यक्ति होता है चाहे वह आपका घर हो व्यापार हो या देश या राज्य हो। अतः हमे अपने परिवार, राज्य और देश का मुखिया बहुत सोच समझ कर चुनना चाहिए।
2. जहा अन्न आदि काफी मात्रा में इकट्ठे रहते हो, अर्थात जहां आपत्ति काल अर्थात एमरजेंसी का ध्यान रख कर धन और अन्न आदि काफी मात्रा जमा किया जाता है। इसीलिए आपत्ति काल के लिए एमरजेंसी फंड अवश्य बनाए। क्याकि एमरजेंसी कभी बताकर नही आती।
3. जहा पति और पत्नी के बीच कलह नही होता हैं। यह सबसे अधिक अनिवार्य विषय है जिस घर में आपस में कलह नही होता है। परिवार के लोगो के बीच में शांति होती है। वहा मां लक्ष्मी निवास करती है। अतः अपने परिवार में होने वाले मतभेदों को दूर कर परिवार में शांति बनाना चाहिए।
अतः मां लक्ष्मी को अपने घर पर आमंत्रित करने से पहले यह अवश्य देख ले कि आप मां लक्मी को निवास करने के लिए दी गई सभी बाते आपके निवास में हो। तभी मां लक्ष्मी आपके घर में निवास करेंगी। मां लक्ष्मी जहा निवास करती है वहा धन सम्पदा बनी रहती है समाज में उस परिवार की प्रसिद्धि रहती है। अतः सुखी जीवन के लिए मां लक्ष्मी का आगमन बहुत जरूरी है। मां लक्ष्मी को अपने घर में निवास करवाने के लिए लोग न जाने कैसे कैसे टोटके करते है जबकि आचार्य चाणक्य ने इसके लिए बहुत ही आसान नीतियां बताई है है अतः वह सभी चाणक्य नीति का पालन करे जिससे मां लक्ष्मी आपके घर में निवास करे।
धन्यवाद