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Prayashchit 
आज जब गुरुजी अपनी मेल की इनबॉक्स चेक कर रहे थे तभी उन्होंने देखा कि  किसी ने उन्हे एक ही मैसेज को 7 बार resend किया था। गुरु जी देखते ही समझ गए कि कोई बहुत बेचैन है और जल्द रिप्लाई चाहता है गुरु जी ने मन ही मन मुस्कुराते हुए सोचा कि 7 8 मेल करने की क्या जरूरत थी सिर्फ 1 ही बार सेंड करना था मेरे पास कौन से हजारों मेल आते है जो मैसेज को देख नहीं पाऊंगा।

खैर गुरु जी मैसेज को ओपन किया मैसेज एक लड़की का था, गुरु जी मेरा नाम अजली है और मेरी ऐज करीब 35 वर्ष है गुरु जी न तो मेरा नाम रियल है और न ही मेरी id, संभवतः आपका रिप्लाई पाते ही मैं इस id को डिलीट कर दूंगी। इसका कारण आप मैसेज के अंत तक खुद ही जान जाएंगे। 

आज से करेंगे 16 साल पहले मैं किसी शहर गवर्नमेंट जॉब के कंपटीशन की तैयारी कर रही थी उस समय मेरी मुलाकात राजीव से हुई राजीव भी गवर्नमेंट जॉब की तैयारी कर रहा था। गुरु जी आप आपकी सहूलियत के लिए बता दूं कि राजीव नाम भी काल्पनिक है। हम दोनो की मंजिल एक ही थी इस लिए हमारी अक्सर मुलाकात हो जाती थी। इन मुलाकातों के दौरान पता ही नहीं चला कि कब धीरे धीरे यह मुलाकातें प्यार में बदल गई। लेकिन हम दोनो का प्यार कभी भी हमारे मकसद के बीच में नहीं आया। 

कुछ दिनों बाद राजीव की जॉब बैंक के क्लर्क के पोस्ट  पर हो गई  जिस कारण उसे दूसरे शहर जाना पड़ा अब मुलाकाते मैसेज के रूप।में होने लगी हम लोग दिन के कई घंटों मैसेज से एक।l दूसरे से संपर्क में रहते थे। इसी के कुछ समय बाद मेरी जॉब pcs ऑफिसर के पोस्ट पर हो गई। जॉब के कारण अब मैं दिन मैं बिजी रहती थी जिससे अब मैसेज भी कम हो गए मुलाकाते तो पहले से ही बंद थी और एक बार मैसेज कम होना शुरू हो गए तो धीरे धीरे बहुत ही कम हो गए। 

राजीव को लगता था कि मेरे मैसेज को इग्नोर करने का कारण मेरे एटीट्यूड था। जिस कारण हमारी बहुत लड़ाई भी हुई । और मैं भी अपने गुस्से और एटीट्यूड से वही काम करती थी जिससे राजीव को इरीटेशन होती थी इसी इरीटेशन के कारण राजीव ने भी धीरे धीरे मैसेज करना बिल्कुल बंद कर दिया। अब हम लोग सिर्फ स्टेटस के माध्यम से अपडेट हो पाते थे। कुछ समय बाद मेरी शादी अमीर परिवार में हुई और राजीव की शादी भी हो गई। धीरे धीरे हमारा परिवार बढ़ता गया और हम दोनो अपने परिवार में व्यस्त हो गए औरहमारे परिवार में सब कुछ सही चल रहा है।

कुछ दिनों पहले किसी कार्यक्रम में मेरी मुलाकात  एक फ्रेंड से हुई। वह बहुत दुखी थी मैने उसके दुखी होने का कारण पूछा तो पहले आना कानी करने लगी जब मैंने उसे दिलासा दिलाया तो मेरे कंधे पर सिर रख कर रोने लगी कहने लगी कि मेरी तो।पूरी जिंदगी बरवाद हो गई मैंने जिससे प्यार किया था उसने धोखा दिया उसके पास मेरी कुछ लेटर्स और पिक्चर थी जिससे उसने मुझे ब्लैकमेल करने लगा कभी मेरे जिस्म से खेलता और कभी मेरे पैसे से और जब मैं बिल्कुल असमर्थ हो गई मेरे पेस खत्म हो गए  तब उसने वह लेटर्स और पिक्चर मेरे हसबैंड और मेरे पापा को सैंड कर दिए।  जिसे देखकर मेरे हसबैंड बहुत  हमारी मुलाकात में राजीव का जिक्र भी नहीं हुआ लेकिन न जाने क्यों तब से  मुझे राजीव की बहुत याद आ रही थी। फिर मैने उसका स्टेटस देखा तो ऑनलाइन देख कर कुछ जान आई। फिर मैंने कुछ मैसेज किया जिसे राजीव ने सामान्य रिप्लाई किया। पहले मेरे मैसेज देख कर राजीव बहुत खुश हो जाता था अब वह बिलकुल सामान्य सा रिप्लाई कर रहा है।

 मुझसे पता है राजीव का दिल कितना दुखी है वह सही है  सच्चा था उसके पास मेरे फोटोग्राफ और लेटर्स थे अगर वो चाहता तो मुझे ब्लैकमेल कर सकता था । लेकिन उसने कभी भी कुछ भी गलत नहीं किया। अब जाकर  जब मैं पुरानी बातों को याद करती हो तो मुझे भी अपनी गलती का अहसास हो जाता है। कैसे मैने सिर्फ राजीव को इरिटेट करने के लिए  राजीव से दूरियां बनाने लगी थी।  मुझे उस समय पता नहीं चला  लेकिन मेरे ही व्यवहार में अहंकार आ गया था लड़की होने का अहंकार अच्छी पोजीशन का अहंकार और अमीर घर में शादी होने का अहंकार जिस कारण मैं ही जान बूझ कर उसे बार बार इरिटेट कर रही थी। आज मुझे अपनी गलती का बहुत अहसास हो रहा है। मेरा मन बहुत दुखी है।

गुरु जी बताइए अब मुझे क्या करना चाहिए जिससे मेरे मन को शांति मिल सके। 



चिंता 

आज गुरु जी ट्रेन से अपने गांव जा रहे थे तभी उन्होंने देखा कि उनके सामने वाले बर्थ पर एक भाई साहब अपनी पत्नी के साथ सफर कर रहे थे, भाई साहब बार बार अपने समान को चेक कर रहे थे। गुरु जी से रहा नहीं गया तो उन्होंने ने मजाक में कहा ही भाई साहब आप इतनी बार समान चेक कर रहे है लगता है लाखों का सामान है। यह सुन कर सभी लोग हंसने  तब उनकी wife बोली नहीं भैया सिर्फ कपड़े है। फिर गुरु जी ने भाई साहब आप बार बार ऐसे चेक करेंगे तो चोर समझेगा कि कोई कीमती सामान है। और लूट कर भाग जाएगा। 

इस पर उनकी wife बोली भैया ये घर में भी ऐसे ही हर समय परेशान रहते है रात में खुद हर दरवाजे में ताला लगाते है और रात में उठ कर चेक करते है कि ताला बंद है कि नहीं। लाकर में ताला बंद करते है और रात में 2 3 बार जागकर चेक करते है कि कम तो नहीं हो गए। बच्चे स्कूल जाते है तो खुद छोड़ने जाते है खुद लेने जाते है और उसके बाद स्कूल में फोन करके बच्चों का हाल चाल लेते है। कि बच्चे स्कूल आए है कि नहीं। दिन में कई बार घर पर फोन करके हाल चाल लेते है हम तो परेशान हो गए।