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bhagwad geeta ahankar

जय श्री कृष्णा, आशा है आप सभी कुशल मंगल से होंगे आज की वीडियो में हम चर्चा करेंगे कि जब आपको महसूस होने लगे कि आपका साथी अहकारी और घमंडी है बार बार आपके स्वाभिमान पर ठेस पहुंचा रहा है तब भगवद गीता के अनुसार आपको क्या करना चाहिए। तो आइए आज की वीडियो पर चर्चा प्रारंभ करते है।

बात जून माह की है उस समय विद्यालय में गर्मियों की छुट्टियां चल रही थी गुरु जी अपनी पत्नी की साथ गांव जा रहे थे। ट्रेन में उनके सामने वाली सीट पर एक 35 साल का युवक बैठा था। युवक का नाम सुशील था। सफर के दौरान थोड़ा बहुत परिचय हुआ तो पता चला कि वह भी सरकारी स्कूल में अध्यापक है। गुरु जी ने भी अपने बारे में बताया कि वह भी सरकारी स्कूल में अध्यापक है। जब दो लोग एक ही विभाग के ही हो तो स्वाभाविक रूप से लगाव बढ़ जाता है। 

ऐसा ही कुछ आज भी हुआ बात करते करते कब रात के 11 बज गए पता ही नही चला। बात चीत के दौरान एक बार प्यार और दोस्ती पर बात चलने लगी। सुशील जी अपनी भावनाओं को दबा नहीं पाए और गुरु जी से पूछा कि क्या बताऊं सर मैं बहुत असमंजस में हूं। इलाहाबाद में जब मैं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने गया था तब वहा मेरी मुलाकात एक लड़की से हुई उस लड़की का नाम पूनम था । पूनम पढ़ने में बहुत होशियार थी हमारी तैयारी का क्षेत्र एक ही था इस कारण हम दोनो में अलग सा लगाव हो गया। हम दोनों इलाहाबाद में करीब 2 साल एक साथ रहे। शुरू में हम लोग बहुत सारा समय एक साथ गुजारते थे मोबाइल पर बात करते करते कब रात के 12 बज जाया करते थे पता ही नही चलता था। इसी बीच तैयारी करते करते मेरा सिलेक्शन प्राइमरी स्कूल में अध्यापक के पद पर हुआ और कुछ समय बाद पूनम का सलेक्शन माध्यमिक स्कूल में अध्यापक के पद पर दूसरे राज्य में हो गया। अर्थात् पूनम का सलेक्शन मेरे से ऊंचे पद पर हुआ इस तरह हम दोनो का सपना पूरा हुआ और हम दोनो अलग अलग राज्य में नौकरी करने लगे।

नौकरी मिलने के कुछ समय तक तो सब कुछ सही चलता रहा हम लोग मोबाइल के माध्यम से हमेशा एक दूसरे के टच में रहते थे और छुट्टियों के दौरान कभी कभी मिल भी लेते थे। लेकिन समय के साथ धीरे धीरे पूनम busy होने लगी। जहा पहले दिन भर बात होती थी अब दिन में कभी कभार ऑनलाइन मिल जाए तो बात हो जाती थी। 

उसके बाद सबसे बुरा दौर आया जब सिर्फ मैसेज के माध्यम से गुड मॉर्निंग और गुड नाईट के नाम पर कुछ बात होने लगी। जब कभी ऑनलाइन मिल जाए तो तो वह किसी न किसी बात पर हमारी लड़ाई होने लगी अर्थात बातें काम लड़ाई ज्यादा होने लगी। मुझे ब्लॉक भी करने लगी। जिससे मेरा स्वाभिमान टूटने लगा। कुछ समय तक उसका अभिमान और मुझे नीचा दिखाने का सिलसिला चलता ही रहा। कई बार तो मेरा स्वाभिमान कहता था कि सब कुछ खत्म कर दो। लेकिन मैं प्यार को लेकर मैं बहुत गंभीर था इसीलिए मैं स्वाभिमान को दर किनार कर फिर बात करना सुरु कर देता था।

लेकिन लास्ट टाइम जब हमारी लड़ाई हुई तो उसने मेरा स्वाभिमान बिल्कुल ही तोड़ दिया उसने एक तरह से मुझे गाली दी इस बार मैं अपने आप को समझा भी नही पाया और जब पूनम ने मुझे ब्लॉक किया तो मैने भी उसे ब्लॉक कर दिया। गुरु जी क्या मैंने सही किया। बात करते करतें सुशील की आंखो में आंसू आ गए। 

फिर गुरु जी ने कहा कि सुशील जी प्यार, परस्पर सम्मान और त्याग का नाम है लेकिन जब प्यार सिर्फ एक तरफ से हो तो प्यार में सम्मान नहीं रहता अर्थात इस हालत में प्यार ही नहीं रहता एक बोझ बन जाता है।आपकी बातों से लगता है पूनम जी में अपने पद और पैसे को लेकर अहंकार आ गया है अब वो अपने बराबर के लोगो के साथ रिश्ता रखना चाहती है। क्योंकि पद और पैसे के मामले में आप उनसे कम तर है इसीलिए वह किसी न किसी बहाने से रिश्ते को खतम करना चाहती है इसीलिए बात बात पर ऐसी बातें बोल देते है जिससे आपके स्वाभिमान में ठेस लगे ऐसे स्वभाव के बारे में भगवद गीता में लिखा है

दम्भो दर्पोऽभिमानश्च क्रोधः पारुष्यमेव च।

अज्ञानं चाभिजातस्य पार्थ सम्पदमासुरीम्।।16.4।।
दम्भः धर्मध्वजित्वम्। दर्पः विद्याधनस्वजनादिनिमित्तः उत्सेकः। अतिमानः पूर्वोक्तः। क्रोधश्च। पारुष्यमेव च परुषवचनम् -- यथा काणम् चक्षुष्मान् विरूपम् रूपवान् हीनाभिजनम् उत्तमाभिजनः इत्यादि। अज्ञानं च अविवेकज्ञानं 

अर्थात भगवान कहते है हे पार्थ ! दम्भ करना, घमण्ड करना, अभिमान करना, क्रोध करना, कठोर वाणी बोलना और अविवेक व्यवहार -- ये सभी आसुरीसम्पदाको प्राप्त हुए मनुष्यके लक्षण हैं।

श्लोक के अनुसार अगर कोई आपके साथ व्यवहार करते समय दंभ दिखाता है अभिमान करता है बात बात पर क्रोध करता है आपसे कठोर वाणी में बात करता है। ये सब आसुरी स्वभाव के लक्षण है।


सुशील जी मुझे लगता है आप अकेले रिश्ते को ढो रहे है पूनम जी आपसे रिश्ता रखना नही चाहती इसीलिए आपके साथ ऐसा व्यवहार कर रही है आपको बात बात पर नीचा दिखा रही है मेरे अनुसार ऐसे रिश्ते को खत्म कर देना चाहिए। क्योंकि अब रिश्ते के नाम पर सिर्फ आपका एक तरफा प्यार है। 

इस तरह से आपने ब्लॉक करके सही ही किया अब आप अनब्लॉक न कीजियेगा अगर पूनम जी में अहंकार नहीं होगा और वह आपके साथ रिश्ते को आगे बढ़ाना चाहती होंगी तो किसी न किसी माध्यम से आप से अवश्य संपर्क करेंगी। जब वह आपसे संपर्क करे तभी आप उनसे रिश्ते को आगे बढ़ाएगा। 

गुरु जी के जवाब से सुशील जी बहुत संतुष्ट दिखे फिर कहा गुरु जी अब हम लोग सोते है बहुत रात हो गई। गुरु जी ने आंखें बंद की लेकिन उन्हे पता है था कि सुशील जी को नींद नही आयेगी क्योंकि सच्चा प्यार को भूलना इतना आसान नहीं होता।